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दिशा-निर्देश

  • भारतीय टेलीकॉम सेक्टर ने पिछले दशक में मोबाइल टेलीफ़ोनी में अभूतपूर्व उन्नति देखी है जिसने देश में क्रान्ति ला दी है | सम्पूर्ण देश में टेलीफोन का प्रसार करना दूरसंचार विभाग के मुख्य कार्य क्षेत्रों में से एक रहा है | मई 2013 तक, कुल 9210 लाख कनेक्शनों में से 8910 लाख कनेक्शन वायरलेस हैं |  सेल फोन व वायरलेस संचार यंत्रों की लोकप्रियता के फलस्वरूप ही सेल टावरों का पूरे देश में प्रसार हुआ है |
  • मोबाइल बेस स्टेशनों से रेडियो फ़्रीक्वेंसी फील्ड उत्सर्जन की एक्सपोज़र सीमा के लिए मानकों का निर्धारण, उनके अनुपालन की निगरानी, ​​सभी विकिरण संबंधी तकनीकी मुद्दों, एक्सेस सर्विस लाइसेंस/इन्फ़्रास्ट्रक्चर प्रदाता पंजीकरण के मुद्दे और किसी भी स्थान पर आवृत्ति आवंटन के लिए एसएसीएफ़ए क्लीयरेंस संबंधी कार्यों को डीओटी द्वारा निष्पादित किया जाता है।
  • भारत ने बीटीएस (बेस ट्रांसीवर स्टेशन) से निकलने वाले विकिरण पर कठोर नियंत्रण का पालन किया है, जो निम्नांकित है तथा अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों का 1/10 भाग है:-
    फ़्रीक्वेन्सी (मेगा हर्ट्ज़ में) पावर डेंसिटी सीमा
    900 0.45 वाट/मीटर2
    1800 0.9 वाट/ मीटर2
    2100 तथा ऊपर 1 वाट/ मीटर2
  • मोबाइल फोन टावरों की स्थापना के विषय में क्लीयरेंस मुद्दे पर विस्तृत दिशानिर्देश 23.08.2012 जारी किए गए थे तथा बाद में 26.03.2013 को उन्हें संशोधित किया गया | इसके बाद, राज्य सरकार के अधिकारियों व विभिन्न हित धारकों के साथ 16.04.2013 को तथा बाद में की गई अन्य सलाह बैठकों में हुए विचार-विमर्श के बाद जो सुझाव प्राप्त हुए, उनके आधार पर राज्य सरकारों के लिए दिशा निर्देशों को अंतिम रूप दिया गया | ये नीचे ए व बी में दिये गए हैं।

मोबाइल टावरों की स्थापना के लिए, दूरसंचार सेवा प्रदाता/बुनियादी ढांचा प्रदाता द्वारा स्थानीय निकायों/राज्य सरकारों से क्लीयरेंस प्राप्त करने हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज़:

  • मोबाइल टावरों की स्थापना के लिए, दूरसंचार सेवा प्रदाता/बुनियादी ढांचा प्रदाता द्वारा स्थानीय निकायों/राज्य सरकारों से क्लीयरेंस प्राप्त करने हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज़:
  • डेट शीट
    • सेवा/बुनियादी ढांचा प्रदाता का नाम
    • स्थान
    • टावर रिफरेंस
  • आवेदन में बताए गए स्थान हेतु एसएसीएफ़ए क्लीयरेंस/ एसएसीएफ़ए आवेदन, जो कि डब्ल्यू.पी.सी. विंग, दूससंचार विभाग को प्रस्तुत किया गया हो, की प्रतियां जिसमें पंजीकरण संख्या हो यथा डब्ल्यू.पी.सी. एकनालेजमेंट, इस शपथ पत्र के साथ कि किसी आपत्ति/निरस्तीकरण के मामले में, टीएसपी/आईपी द्वारा सुधारात्मक कार्यवाही/टावर का उन्मूलन कर दिया जाएगा |
  • भूमि आधारित टावर हेतु ढांचा स्थिरता प्रमाणपत्र की प्रति | छत पर लगाए गए बीटीएस टावरों के मामले में, भवन व टावर हेतु राज्य सरकार/स्थानीय निकाय/केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, रुड़की/आईआईटी/एनआईटी अथवा स्थानीय निकाय द्वारा अधिकृत किसी अन्य एजेंसी द्वारा लिखित संस्तुतियों पर आधारित ढांचा स्थिरता प्रमाणपत्र |
  • डीज़ल जेनरेटर निर्माताओं के लिए भारतीय मोटर वाहन अनुसंधान संस्थान (ए.आर.ए.आई.) द्वारा जारी टाइप टेस्ट प्रमाण पत्र की प्रति |
  • अग्नि सुरक्षा विभाग द्वारा जारी क्लीयरेंस, उन ऊंचे भवनों के लिए जहां फ़ायर क्लीयरेंस आवश्यक है, की प्रति |
  • वनाच्छादित क्षेत्रों के लिए, राज्य पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा जारी क्लीयरेंस की प्रति, यदि लागू हो |
  • स्थानीय निकाय, भवन स्वामियों/संस्थाओं, जिनके पास छत का अधिकार हो या छत पर आधारित टावरों के लिए सबसे ऊपरी मंज़िल पर रहने वाले किराएदारों/भूस्वामियों यदि धरती स्थित टावर हो, जैसा भी मामला हो, द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र मांग सकते हैं | अपने प्रभावी नियमों के अनुसार, राज्य सरकारें, अपने विवेकानुसार, मोबाइल टावर की किराएदारी अनुबंध के नवीकरण के समय नया अनापत्ति प्रमाण पत्र मांग सकते हैं |
  • टीईसी, डीओटी द्वारा निर्धारित प्रारूप में मोबाइल टावर/बीटीएस (भूमि आधारित/रूफ टॉप/खंभा/दीवार आधारित) के संबंध में दूरसंचार सेवा प्रदाता/इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता द्वारा जमा स्व-प्रमाणपत्र की टीईआरएम सेल (दूरसंचार विभाग) द्वारा जारी अभिस्वीकृति रसीद, जो यह प्रमाणित करती हो कि टावर के आसपास सभी सार्वजनिक क्षेत्र एंटीना के रेडिएशन के प्रारंभ के पश्चात उच्च ट्रैफिक माप के अनुसार सुरक्षित ईएमआर एक्सपोज़र की सीमा में रहेंगे।

राज्य सरकार/स्थानीय निकाय द्वारा की जाने वाली कार्यवाही

  • टावर की स्थापना की अनुमति देने में होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए एक बार लिया जाने वाल नाममात्र का प्रशासनिक शुल्क  जो कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है |
  • स्थानीय निकाय/राज्य सरकार द्वारा टेलीकाम सेवा प्रदाता/इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता को एक समयबद्ध सीमा में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम प्रदान किया जा सकता है | ऐसा करना तीव्र क्लीयरेंस जारी करना सुनिश्चित करेगा |
  • टेलीकॉम टावरों को भारत सरकार द्वारा राजपत्र अधिसूचना संख्या 81 दिनांक 28.03.2012 के द्वारा अवसंरचना की स्थिति प्रदान की गई है | सभी लाभ जो इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योग पर लागू होते हैं, वे प्राप्त होने चाहिए। बीटीएस साइट्स को प्राथमिकता पर विद्युत कनेकशन प्रदान किया जा सकता है |
  • टेलीकॉम इंस्टॉलेशन लाइफ़लाइन इंस्टॉलेशन हैं और मोबाइल संचार में एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा है। मोबाइल संचार में व्यवधान से बचने के लिए, एक आवश्यक सेवा, बीटीएस टावर की सीलिंग/विद्युत विच्छेद, ईएमएफ संबंधी मामलों के संदर्भ में दूरसंचार विभाग की टीईआरएम सेल की अनुमति के बिना नही किया जा सकता है।
  • राज्य सरकार दूरसंचार विभाग के साथ